छोटी पूजा, बड़ा आशीर्वाद
एक बच्चा रोज़ मंदिर जाता था और भगवान को एक फूल चढ़ाता था। लोग उसका मज़ाक उड़ाते थे क्योंकि वह महंगी पूजा नहीं कर सकता था।
एक दिन मंदिर के पुजारी ने सपना देखा कि भगवान कह रहे हैं —
“मुझे उस बच्चे का एक फूल पसंद है, क्योंकि उसमें सच्चा प्रेम है।”
अगले दिन पुजारी ने सबको बताया कि भक्ति की कीमत वस्तु से नहीं, भावना से होती है।
सीख:
सच्चे मन से की गई छोटी पूजा भी सबसे बड़ी होती है।
Comments
Post a Comment