हनुमान जी पर विश्वास रखने वाले भक्त की सच्ची कहानी
सच्ची भक्ति का फल — हनुमान जी की कृपा
एक छोटे से शहर में रामू नाम का एक लड़का रहता था। वह हर मंगलवार को मंदिर जाकर हनुमान जी की पूजा करता था।
उसके पास ज़्यादा पैसे नहीं थे, इसलिए वह सिर्फ एक फूल और थोड़ा-सा गुड़ चढ़ाता था।
एक दिन कुछ लोगों ने उसका मज़ाक उड़ाया और कहा —
“इतना कम चढ़ाने से भगवान खुश नहीं होते।”
रामू मुस्कुराकर बोला —
“भगवान को चीज़ों की कीमत नहीं, भक्ति की सच्चाई पसंद होती है।”
कुछ दिनों बाद रामू के पिता बीमार पड़ गए। रामू रोज़ मंदिर जाकर प्रार्थना करता रहा।
धीरे-धीरे उसके पिता ठीक हो गए। रामू को लगा कि हनुमान जी ने उसकी प्रार्थना सुन ली।
उस दिन रामू को समझ आया कि
सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती।
सीख
भगवान के लिए धन या दिखावा ज़रूरी नहीं होता।
सच्चा विश्वास और भक्ति ही सबसे बड़ी पूजा है।
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