भगवान की परीक्षा
एक साधु नदी किनारे रहता था। वह रोज़ भगवान का ध्यान करता और लोगों की मदद करता था।
एक दिन एक अमीर व्यक्ति ने साधु से पूछा — “अगर भगवान सच में हैं, तो आपको इतना साधारण जीवन क्यों दिया?”
साधु मुस्कुराया और बोला — “भगवान मुझे परख रहे हैं कि मैं परिस्थिति में बदलता हूँ या नहीं।”
कुछ समय बाद वही अमीर व्यक्ति कठिनाई में पड़ गया और साधु ने उसकी मदद की।
तब अमीर व्यक्ति को समझ आया कि भक्ति का असली अर्थ दूसरों की सेवा करना है।
सीख:
भगवान की सच्ची पूजा सेवा और दया में है।
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