सच्ची भक्ति का फल
एक समय की बात है, एक किसान था जो हर दिन खेत में काम करने से पहले भगवान का नाम लेकर ही काम शुरू करता था। उसके पास ज़्यादा धन नहीं था, लेकिन वह हमेशा संतुष्ट रहता था।
एक साल भारी बारिश हुई और कई किसानों की फसल बर्बाद हो गई। गाँव के लोग निराश हो गए। किसान ने भी नुकसान देखा, लेकिन उसने भगवान से शिकायत नहीं की। वह बोला —
“प्रभु, जो भी होता है आपकी इच्छा से होता है। आप जो करेंगे, अच्छा ही करेंगे।”
कुछ दिनों बाद मौसम ठीक हुआ और उसी किसान के खेत में बची हुई फसल बहुत अच्छी हो गई। बाकी लोगों की तुलना में उसे ज्यादा अनाज मिला। गाँव के लोगों ने पूछा — “तुम हमेशा शांत कैसे रहते हो?”
किसान मुस्कुराकर बोला —
“मैं मेहनत करता हूँ और बाकी भगवान पर छोड़ देता हूँ। यही भक्ति है।”
सीख:
भक्ति का मतलब केवल पूजा करना नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में विश्वास बनाए रखना है।
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